जब दिल में कसक लगने लगे 

आँखों में दर्द झलकने लगे 
तो अपने तस्सवुर की फिजाओं में 
अपनी अनकही  रजाओं  में
एक रजा  यह भी करना 
मेरी अंतिम सांस भी ,
रजा में आपके जायेंगी 
हदे दोस्ती की भी ,
इम्तिहाँ हो जाएगी 
पर विश्वास है शायद 
 यह  तस्सवुर रंग लाएगी